अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया-
'तुम में से जो आदमी किसी बुराई को देखे, उसे अपने हाथ (ताकत) से बदल दे, अगर यह भी मुमकिन न हो सके तो ज़ुबान से उसे बदलने की कोशिश करे, अगर यह भी मुमकिन न हो तो दिल ही से सही और यह ईमान का सबसे कमज़ोर दर्जा है।' -मुस्लिम
आयुर्वेदिक चाय
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irshad rafik at Dr Irshad - 1 day ago
आयुर्वेदिक चाय लाभ-- इस पेय के सेवन से शरीर में स्फूर्ति व मस्तिष्क में
शक्ति आती है । पाचनक्रिया में सुधार होता है ...
9 years ago
अगर यह भी मुमकिन न हो सके तो ज़ुबान से उसे बदलने की कोशिश करे, अगर यह भी मुमकिन न हो तो दिल ही से सही और यह ईमान का सबसे कमज़ोर दर्जा है
ReplyDeleteसर्वप्रथम जनमदिन की हार्दिक बधाई
ReplyDeleteतीन से घृणा न करो
ReplyDelete1 रोगी से
2 दुखी से
3 निम्न जाती से
मुहम्मद साहब